एक दिन में 50 हजार श्रद्धालु ही कर सकेंगे मां वैष्णो देवी के दर्शन, NGT का निर्देश

एनजीटी ने वैष्णो देवी दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किया हैं। 

एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के अनुसार, मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए एक दिन में अब केवल 50 हजार श्रद्धालु ही कटरा से ऊपर जा सकेंगे। यह फैसला वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया है। इस आदेश के पीछे सबसे बड़ी वजह लोगों की सुरक्षा भी है। 

गौरतलब है कि वैष्णो देवी मंदिर के दरबार में 50 हजार लोगों की ही क्षमता है। निर्देशों के अनुसार, भक्तों की संख्या 50 हजार से ज्यादा होने पर उन्हें अर्धकुंवारी या कटरा में रोक दिया जाएगा। 

एनजीटी ने इसके साथ ही वहां निर्माण कार्य पर भी रोक लगा दी है। यह रोक वहां पर्यावरण सुरक्षा के मद्देजनर लगाई गई है। 

जानिए वैष्णों देवी मंदिर के बारे में....


वैष्णो देवी मंदिर जम्मू और कश्मीर के जम्मू जिले में कटरा नगर के पास त्रिकूटा की पहाड़ियों में स्थित है। उत्तर भारत का सबसे पूजनीय तीर्थ स्थल माना जाता है। यह भारत में तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ-स्थल है।

वैष्णो देवी का मंदिर 5200 फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित है। कटरा से माता के मंदिर की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। हर साल लाखों तीर्थयात्री मंदिर का दर्शन करते हैं।  इस मंदिर की देख-रेख श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड करता है। मान्यता है कि पहाड़ों वाली माता वैष्णो देवी सबकी मुरादें पूरी करती हैं। उसके दरबार में जो कोई सच्चे दिल से जाता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है।

वैष्णो देवी के लिए कहां बना है नया रास्ता, जानिए...


जम्मू से कटरा के बीच तीन टनल बनाई गई हैं। अब यह दूरी 2 घंटे की बजाय 40 मिनट में तय हो जाती है।

इसी तरह कटारा में बालिनी ब्रिज से अर्द्धकुंवारी के बीच 7 किलोमीटर लंबा नया रास्ता बनाया है।
ये रास्ता सिर्फ पैदल यात्रियों के लिए होगा, घोड़े-पालकी बैन रहेंगे। नया रास्ता पुराने रास्ते के मुकाबले 500 मीटर छोटा है। यहां से यात्रा करने पर लोग बाणगंगा से अर्द्धकुंवारी और हाथी मत्था की खड़ी चढ़ाई से बच जाएंगे। नए रास्ते पर एम्बुलेंस आने-जाने जैसी तमाम सुविधाएं मौजूद हैं।

वैष्णो देवी का नया रास्ता 24 नवंबर 2017 से खोला जाएगा। इसके साथ ही कटरा से भवन तक सामान ले जाने वाला रोप-वे और भवन से भैरवघाटी तक लोगों को लेकर जाने वाला रोप-वे भी जल्द शुरू होगा। हर घंटे भवन से 800 लोगों को भैरवघाटी पहुंच सकेंगे।

वैष्णो देवी में भक्तों की संख्या


वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार, 1986 में यहां आने वाले लोगों की संख्या करीब 14 लाख थी, जो 2012 में एक करोड़ से ज्यादा हो गई। 2013 में कुल 93 लाख श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन किए जबकि 2014 एवं 2015 में 78—78 लाख और 2016 में करीब 77 लाख से ज्यादा लोगों दर्शन के लिए वैष्णो देवी आए थें।

वैष्णो देवी के सबसे ज्यादा भीड़ गर्मियों रहती है। अप्रेल, मई, जून में सर्वाधिक भक्त माता के ​दर्शन के लिए आते है। बारिश में यह संख्या कम रहती है। 
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